हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, इस शिविर में कुल 453 ज़ायरीन और अन्य लोगों ने निःशुल्क चिकित्सा सुविधाओं का लाभ उठाया। विशेषज्ञ डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मचारियों ने अत्यंत प्रेम, ईमानदारी, सहानुभूति और जिम्मेदारी के साथ मरीजों की जांच की, आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण किए और जरूरत के अनुसार मुफ्त दवाएं उपलब्ध कराईं।
शिविर का उद्देश्य केवल तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना ही नहीं था, बल्कि ऐसे मरीजों की पहचान करना भी था जिन्हें आगे विशेषज्ञ उपचार की आवश्यकता थी। इसी क्रम में आंखों के कुछ मरीजों को डॉक्टर जावेद फारूकी, आई सर्जन, लाइफलाइन सेंटर, लक्ष्मी नगर, दिल्ली के पास भेजा गया। इन मरीजों के संबंध में ट्रस्ट की ओर से महत्वपूर्ण घोषणा की गई कि शिविर के माध्यम से लाइफलाइन सेंटर भेजे गए मरीजों के सभी आवश्यक इलाज का खर्च शिविर की ओर से उठाया जाएगा।

डॉक्टर आलम: स्वास्थ्य की सेवा, मानवता की सेवा है
शिविर के संबंध में डॉक्टर आलम, एमडी ने कहा कि चिकित्सा सेवा केवल पेशेवर जिम्मेदारी नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि शिविर में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान, प्रेम और सहानुभूति के साथ चिकित्सा सुविधा देने की कोशिश की गई और हमारी प्राथमिकता यह रही कि कोई जरूरतमंद मरीज केवल आर्थिक कठिनाई के कारण इलाज से वंचित न रहे।
उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में भी एएमआर मेडिकल एंड एजुकेशनल ट्रस्ट स्वास्थ्य के क्षेत्र में इस तरह की सेवाओं का विस्तार करने का प्रयास करेगा।

डॉक्टर वहाब जैदी: मरीज की संतुष्टि हमारी पहली प्राथमिकता थी
डॉक्टर वहाब जैदी, एमडी ने कहा कि शिविर में आने वाले ज़ायरीन और मरीजों की बहुत ध्यानपूर्वक और संतोषजनक तरीके से जांच की गई। उन्होंने कहा कि 453 लोगों की चिकित्सा जांच, आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण और मुफ्त दवाओं की व्यवस्था इस बात का प्रमाण है कि सामूहिक सेवा भावना के माध्यम से समाज के जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जा सकती हैं।
उन्होंने कहा कि शिविर के दौरान ऐसे मरीजों की भी पहचान की गई जिन्हें आगे इलाज या विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह लेने की जरूरत थी, ताकि उनका उपचार समय पर आगे बढ़ाया जा सके।

मौलाना जीशान हैदर रजेटवी: मानव सेवा हमारा धार्मिक और मानवीय कर्तव्य है
मौलाना जीशान हैदर रजेटवी ने कहा कि मानव सेवा एक महान मानवीय और धार्मिक जिम्मेदारी है। उन्होंने एएमआर मेडिकल एंड एजुकेशनल ट्रस्ट की पूरी टीम, डॉक्टरों, चिकित्सा कर्मचारियों और स्वयंसेवकों की सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि ज़ायरीन और जरूरतमंद लोगों को मुफ्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना एक प्रशंसनीय कदम है।

उन्होंने कहा कि इस तरह के चिकित्सा शिविर समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने का प्रभावी माध्यम हैं और भविष्य में भी इस कार्य को जारी रखने की जरूरत है।
हाजी जुल्फिकार बाक़र: सेवा का यह सिलसिला जारी रहना चाहिए
हाजी जुल्फिकार बाक़र ने कहा कि शिविर के सफल आयोजन से यह साबित होता है कि जब मानव सेवा की भावना मौजूद हो तो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों को लाभ पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ज़ायरीन को मुफ्त दवाएं और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना एक महत्वपूर्ण सेवा है और इस सिलसिले को स्थायी रूप से जारी रखने की जरूरत है।
मौलाना सैयद रज़ी हैदर: मानवता की सेवा सबसे बड़ी प्राथमिकता
मौलाना सैयद रज़ी हैदर ने कहा कि स्वास्थ्य मनुष्य की मूलभूत आवश्यकता है और जरूरतमंद लोगों तक मुफ्त चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि एएमआर मेडिकल एंड एजुकेशनल ट्रस्ट की ओर से आयोजित यह शिविर इसी भावना का व्यावहारिक उदाहरण है, जहां मरीजों की केवल जांच ही नहीं की गई, बल्कि उनके आगे के इलाज के लिए भी व्यावहारिक कदम उठाए गए।

उन्होंने विशेष रूप से आंखों के मरीजों को विशेषज्ञ आई सर्जन के पास भेजे जाने और उनके इलाज की जिम्मेदारी स्वीकार किए जाने को एक महत्वपूर्ण और प्रशंसनीय कदम बताया।
डॉक्टर सादिक: समय पर जांच और इलाज बहुत जरूरी है
डॉक्टर सादिक, सर्जन एवं डेंटिस्ट ने कहा कि चिकित्सा शिविरों का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य ऐसे मरीजों तक पहुंचना है जो अपनी बीमारी को मामूली समझकर इलाज में देरी कर देते हैं। उन्होंने कहा कि शिविर में मरीजों की आवश्यक जांच के साथ उन्हें उचित चिकित्सकीय सलाह भी दी गई, ताकि वे अपने स्वास्थ्य के संबंध में आगे अधिक सावधानी बरत सकें।
डॉक्टर इरा रिजवी: महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान
डॉक्टर इरा रिजवी, डेंटिस्ट ने कहा कि शिविर के दौरान मरीजों के साथ बहुत ही प्रेम और सहानुभूति के साथ व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान और उचित मार्गदर्शन बहुत जरूरी है और ऐसे शिविर इस संबंध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

आंखों के मरीजों के लिए विशेष सुविधा
शिविर की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि आंखों के ऐसे मरीज जिन्हें आगे विशेषज्ञ उपचार की जरूरत थी, उन्हें डॉक्टर जावेद फारूकी, आई सर्जन, लाइफलाइन सेंटर, लक्ष्मी नगर, दिल्ली के पास भेजा गया।
एएमआर मेडिकल एंड एजुकेशनल ट्रस्ट की ओर से स्पष्ट किया गया है कि शिविर के माध्यम से लाइफलाइन सेंटर भेजे गए मरीजों के सभी आवश्यक इलाज की जिम्मेदारी शिविर और ट्रस्ट की ओर से होगी। इस कदम से ऐसे जरूरतमंद मरीजों को बड़ी सुविधा मिलेगी जो आर्थिक कठिनाइयों के कारण आंखों का जरूरी इलाज नहीं करा पाते।
टीम की अथक मेहनत
शिविर की सफलता में एएमआर मेडिकल एंड एजुकेशनल ट्रस्ट, दिल्ली के सदस्यों, डॉक्टरों, चिकित्सा कर्मचारियों और स्वयंसेवकों ने भरपूर सहयोग किया। पूरी टीम ने कई घंटों तक बहुत अनुशासन, लगन और मानवीय संवेदना के साथ ज़ायरीन की सेवा की।

शिविर में चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने वाली टीम में डॉक्टर आलम, एमडी, डॉक्टर वहाब जैदी, एमडी, डॉक्टर इरा रिजवी, डेंटिस्ट, डॉक्टर सादिक, सर्जन एवं डेंटिस्ट, फजल नकवी, बी. फार्मा और कुमैल रिजवी, बी. फार्मा शामिल थे।
एएमआर मेडिकल एंड एजुकेशनल ट्रस्ट, दिल्ली के सदस्य मौलाना जीशान हैदर रजेटवी, हाजी जुल्फिकार बाक़र, नवाब अख्तर जैदी आलमपुरी, सैफ अली जैदी, मोहम्मद मेहदी जैदी, मोहम्मद कुमैल, सैयद मुजतबा जैदी, सैयद हमीद बासित, दिलावर हुसैन, मुबीन फातिमा, कमाल हैदर नकवी, हुसैन नकवी और अमन जैदी ने भी शिविर के प्रबंधों और सेवाओं में भरपूर हिस्सा लिया।
453 लोगों की मुफ्त चिकित्सा जांच, चिकित्सकीय परीक्षण और दवाओं की व्यवस्था तथा जरूरतमंद आंखों के मरीजों के आगे के इलाज की जिम्मेदारी स्वीकार करना इस शिविर को केवल एक चिकित्सा गतिविधि के बजाय मानवता की सेवा का एक व्यावहारिक उदाहरण बनाता है।
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